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How To Enable 2-Step Verification in Gmail

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वह Gmail जो हमारे Phone  में Sign in होता है उसकी सुरक्षा बहुत हीं महत्वपूर्ण होता है | चुकी जो Gmail हमारे Phone में  Sign in होता है वह हमारे Phone में उपस्थित Data का लगभग 60-70% Access रखता हैं |  इसी लिए हमे अपने Gmail को पूरी तरह Secure रखना चाहिए | परन्तु अपने भारत में अधिकतर ऐसे लोग है जिनको न तो अपने Phone में Sign in Gmail का पता होता है और नाही उसका password पता होता हैं और कुछ लोग तो ऐसे भी है जो अपना Gmail और Password यु हीं लोगो को देने में संकोच नही करते हैं | ये सब गलत है, ऐसा करने से हमारे साथ धोखा हो सकता है अतः सावधान रहे| अपने Gmail को पूर्ण रूप से Secure कैसे करे:- Google के द्वारा Gmail Account को Hackers से सुरखित रखने लिए दो Methods को तैयार किया है :- 1. 2-Step Verification  2. Use your Phone to Sign in 👉 2-Step Verification क्या है ? जब  हम  Gmail Account बनाते हैं तब हम से एक Strong Password बनाने को कहा जाता है |  Gmail Account बनाने के बाद हम जब भी अपने Gmail Account में Login करते है तो हम से सिर्फ Password पूछा जाता जिसे हम 1-Step Verification कहते हैं |

What is Sniffing

  Article-14


What is Sniffing ? Full detail in Hindi

HackerDada के इस Article पे आपका बहुत-बहुत स्वागत हैं |
Hello!

Dear Users,

मैं हुँ आपका छोटा-सा, प्यारा-सा Vikash Kumar (Founder of HackerDada) और मैं आपका  हमारे Blog HackerDada.com पे एक बार फिर से प्यार 💗 और मुस्कराहट 😊 के साथ बहुत-बहुत स्वागत करता हुँ |

👉इस Article में आप जान पायेंगे :-

1. Sniffing क्या हैं ? 

2. Sniffing कितने प्रकार के होते हैं ?

3. Sniffing के क्या उपयोग  हैं ?

4. Sniffing attack कितने प्रकार के होते हैं ?

तो चलिए श्री गणेश करते हैं |

1. Sniffing क्या हैं ? 

"Sniffing" Cyber Crime का एक बहुत हीं खतरनाक शब्द है | Sniffing को अच्छी तरह से समझने के बाद हम ये समझ पाते हैं की Sniffing कितना खतरनाक होता है | इसे बेहतर तरीके से समझने के लिए ध्यानपूर्वक पढ़ें ... 

क्या आपने कभी सोचा है की हमलोग एक स्थान से दूसरे किसी भी स्थान पे किसी भी प्रकार का डाटा internet के माध्यम से बहुत हीं आसानी से share करते हैं ओ कैसे share होता हैं ? जब हम इस प्रश्न का उत्तर ढूंढते है तब हमारे सामने कई अलग-अलग बातें आती हैं जैसे Internet, Network, Communication channels, Server, Switch, Security, इत्यादि के हीं एक सामूहिक क्रिया के कारण हम सुरक्षित तरीक़े से Data को एक स्थान से दूसरे स्थान तक share कर पाते हैं। हम जो Data शेयर करते हैं वह Directly receiver तक नहि पहुँचता। जब हम कोई भी Data share करते हैं तो Data ऊपर दिए गए सभी प्रक्रियाओं से होकर गुजरती हैं। अब इसमें कुछ Hackers जो Data को receiver तक पहुँचने से पहले Data को किसि ख़ास मकसद से उसका एक Copy चुरा लेते हैं । इस बात का खबर ना तो Sender को होता हैं और नाही तो Receiver को। इस प्रक्रीया को हमलोग Sniffing के नाम से जानते हैं। इसे और अच्छे तरीके से समझने के लिए हम एक उदहारण का उपयोग करते हैं। 

एक व्यक्ति A जो Sender है और एक व्यक्ति B जो Receiver है। A कोई एक Personal फ़ोटो अपने मित्र B के साथ share कर रहा हैं। ओ दोनों जिस Networks पे Data share कर रहे हैं उसमे कुछ Vulnerability (खामियाँ) होने के कारण Hacker Data को Recipient तक पहुँचने से पहले हीं उसको चुरा लेते हैं। ऎसे में दोनों में से किसी को भी इस बात का ख़बर नही लग पाता है। 

Over all:- Sniffing is data interception technology 

        Pictorial Representation of sniffing 

Hacker, HackerDada, Ethical hacking, Cyber Security, IT support

2. Sniffing कितने प्रकार के होते हैं?

Sniffing दो प्रकार के होते हैं।

(a)Active Sniffing

(b) Passive Sniffing

(a) Active Sniffing:-  कुछ ऐसे Hackers जो किसी Particular व्यक्ति या Particular organization के कुछ विशेष information प्राप्त करने के लिए उनके Network के Switch  से पास होने वाले data को intercept करते हैं और डाटा चुराते हैं| इस प्रक्रिया को Active sniffing कहते हैं | 

(b) Passive sniffing:-  Passive sniffing में Hacker किसी भी Network पे Invisible or silent होता है | इसको detect करना बहुत हीं मुश्किल होता हैं | Passive sniffing में hacker user पे हमेशा ध्यान रखता हैं | Passive sniffing में hackers users का data capturing, password stealing, Network details stealing इत्यादि प्रकार का unethical कार्य करता हैं |

3. Sniffing का उपयोग:-  

Sniffing का दो तरीके से उपयोग किया जाता हैं | 

(a) Ethical usage:-     1. Packet capturing 

                                   2. Network traffic usage and analysis 

                                   3. Packet conversion for data analysis  

                                   4. Network troubleshooting 

(b) Unethical usage:-  1. User identify and password stealing.

                                    2. Email or instant messages data stealing.

                                    3. Packet spoofing and data theft.

                                    4. Monetary and reputation damage.  

4. Sniffing attack के  प्रकार:- 

                                   (a) MAC Flooding 

                                   (b) DNS Poisoning

                                   (c) ARP Poisoning

                                   (d) DHCP Attack 

                                   (e) Spoofing attack 

                                   (f) Password sniffing   

👉 इस Article को मैं अब यही पे समाप्त करता हूँ | उम्मीद एवं विश्वास है की ये Article आपके लिए उपयोगी साबित हुई होगी |

        !!धन्यवाद!!
      Vikash Kumar 
(Founder of HackerDada) 

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